Dhamm Dharm Nahi!? / धम्म धर्म नहीं!?
₹80.00‘जो धर्म मानव जाति के कल्याण में सहायक हो सकता है, जिसमें मनुष्य की मुक्ति का द्वार खुला है। और जिसमें मानव-मानव के बीच कोई भेदभाव नहीं बल्कि समता है, वह धर्म, धर्म शद्ध का हकदार हो सकता है”।
– डॉ. बाबासाहेब अम्बेडकर
इसलिए यदि हम कहते हैं कि केवल बौद्धों का ही धम्म है, तो पारंपरिक धर्म कि प्रतियोगिता से हम तुरंत बाहर हो जाते हैं। चूँकि एक धम्म की तुलना किसी अन्य धर्म से नहीं की जा सकती।








